
गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर केंद्र सरकार ने Padma Awards 2026 की घोषणा कर दी है। इस साल पद्म भूषण पाने वालों की सूची खास इसलिए मानी जा रही है क्योंकि इसमें कला, सिनेमा, राजनीति, खेल, समाज सेवा और उद्योग—हर क्षेत्र की ऐसी हस्तियां शामिल हैं, जिन्होंने दशकों तक अपने-अपने क्षेत्र में देश की पहचान बनाई।
सुरों की रानी अल्का याग्निक को बड़ा सम्मान
अपनी सुरीली आवाज़ से 90 के दशक से लेकर आज तक हिंदी सिनेमा पर राज करने वाली अल्का याग्निक को पद्म भूषण से सम्मानित किया जाएगा। हजारों गीतों और अनगिनत यादगार धुनों के जरिए उन्होंने भारतीय संगीत को वैश्विक मंच पर पहुंचाया।
ममूटी: अभिनय का चलता-फिरता विश्वविद्यालय
दक्षिण भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता ममूटी को भी पद्म भूषण देने की घोषणा हुई है। मलयालम सिनेमा को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने वाले ममूटी का करियर अभिनय की गहराई, सामाजिक मुद्दों और सशक्त किरदारों का प्रतीक माना जाता है।
राजनीति और सार्वजनिक जीवन का सम्मान
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी को उनके लंबे सार्वजनिक जीवन और प्रशासनिक योगदान के लिए पद्म भूषण से नवाजा गया है। वहीं झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक शिबू सोरेन को यह सम्मान मरणोपरांत दिया जा रहा है, जिसे सियासी हलकों में खास महत्व के साथ देखा जा रहा है।
खेल, बैंकिंग और विज्ञापन जगत के दिग्गज
इस सूची में बैंकिंग सेक्टर के बड़े नाम उदय कोटक, भारतीय टेनिस को वैश्विक पहचान दिलाने वाले विजय अमृतराज, और विज्ञापन जगत के दिग्गज पीयूष पांडे (मरणोपरांत) भी शामिल हैं। ये नाम भारत की सॉफ्ट पावर और प्रोफेशनल एक्सीलेंस का प्रतिनिधित्व करते हैं।

कला, चिकित्सा और समाज सेवा का संगम
चिकित्सा क्षेत्र में योगदान के लिए डॉ. नोरी दत्तात्रेयडू, व्यापार और उद्योग में उल्लेखनीय कार्य के लिए कल्लीपट्टि रामास्वामी पलानीस्वामी और एस के एम मयिलानंदन, कला-साहित्य के क्षेत्र में शतावधानी आर गणेश, और सामाजिक नेतृत्व के लिए वेल्लापल्ली नटेशन को भी पद्म भूषण से सम्मानित किया गया है।
सम्मान या संकेत?
इस साल की सूची को केवल पुरस्कार नहीं, बल्कि भारत की विविधता, संघर्ष और योगदान की कहानी के रूप में देखा जा रहा है—जहां सुर, सिनेमा और सियासत एक ही मंच पर खड़े नजर आते हैं।
ढाका में वोट, वॉशिंगटन की चाल! ‘जमात’ से दोस्ती पर US, India Alert
